…मेरी भाभी का भाई रोज मुझसे मिलने की फरमाइश करता। भाभी से शिकायत करती तो कहती मुझ पर भरोसा रखो और फिर मुझे कमरे में भेजकर खुद बाहर पहरा देती। एक रोज मैंने अपनी जगह भाभी को कमरे में भेज दिया। थोड़ी देर बाद छूकर देखा तो मेरे होश उड़ गए। मैं 18 बरस की खूबसूरत और जवान लड़की हूं। हर लड़का मेरी खूबसूरती पर मरता है, मगर मेरी भाभी का भाई कुछ ज्यादा ही मेरा दीवाना हो गया था और कुछ दिनों से हमारे घर रहने आया है। नौकरी की तलाश में था, मगर मुझसे मिलने के बाद अपनी तलाश करने लगा। जाओ काव्या, अजय को चाय दे आओ, वह भूखा होगा। मेरी भाभी ने मेरे हाथ में चाय का कप थमाते हुए कहा, जी भाभी कहकर मैं ऊपर चली गई। मैं अजय के कमरे में जाने से डर रही थी, क्योंकि वह मुझसे तन्हाई में मिलने की फरमाइश करता था और मैं उसकी वह फरमाइश पूरी नहीं कर सकती थी। बहरहाल, अपने डर पर काबू पाकर मैं कमरे में दाखिल हुई। अजय पंखे के नीचे बैठा हुआ था, मुझे देखकर फौरन खड़ा हो गया और बोला, मैं तुम्हारा ही इंतजार कर रहा था। काव्या आओ, मेरे पास बैठो, हम दोनों बातें करते हैं और फिर बातों ही बातों में तुम्हारा मूड हुआ तो वह भी करेंगे, जिस काम के लिए मैंने तुम्हें बुलाया था। कप मैंने मेज पर रखा और सख्त लहजे में कहकर वहां से जाने लगी तो अजय ने मुझे कलाई से पकड़कर मुझे अपने करीब कर लिया। प्लीज कोई शाम मेरे नाम कर दो, तुम्हें पाने के लिए तड़प रहा हूं। छोड़ो मुझे अजय! मैंने बस मुश्किल से खुद को उसकी गिरफ्तार से आजाद करवाया और भागकर अपने कमरे में चली गई और अजय के बारे में सोचने लगी। इतने में मेरी भाभी मेरे पास आई और बोली, क्या हुआ काव्या? तुम क्यों परेशान दिखाई दे रही हो? तुम तो अजय को खाना देने गई थी ना। कुछ हुआ है। भाभी, वह आपका भाई खाने की जगह मुझे खाना चाहता है। जब से आया है, मुझे अपने साथ वह सब करने पर मजबूर कर रहा है। उसे समझाएं ना, मैं उसका नहीं लेना चाहती। मैंने भाभी को अजय की शिकायत लगाई तो वह हंस पड़ी और बोली, अरे पागल, तुम इतना डरती क्यों हो? अजय के साथ कर लो, मजा आएगा। एक बार कोशिश करो, फिर देखना ना तुम्हारा हर दिन मन करेगा। मगर भाभी, अगर किसी ने हमें करते हुए देख लिया और भाई को मालूम हो गया। मुझ पर भरोसा रखो काव्या, तुम जब मेरे भाई के साथ कर रही होगी तब मैं बाहर खड़े होकर पहरा दूंगी। कोई आया तो मैं बता दूंगी, भाभी ने कहा और मुझे जबरदस्ती अजय के कमरे में भेज दिया और खुद बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। मैं बहुत डर रही थी क्योंकि यह मेरा पहली मर्तबा था। पहली बार क्या होता है और कैसे होता है, मैं नहीं जानती थी। मुझे अपने पास देकर अजय मुस्कुराने लगा और फिर मुझे अपनी बाहों में लेकर बैठ गया और मेरे ऊपर आकर मेरे साथ खेलने लगा। मुझे बहुत तकलीफ हो रही थी। उसने मुझे दो घंटे बाद अपनी मर्जी से छोड़ा था। मेरी हालत बहुत खराब हो गई थी। ठीक से चला भी नहीं जा रहा था। आवाज़ें बंद होने पर भाभी समझ गई थी कि हम अपना काम खत्म कर चुके हैं। दरवाजा खोलकर अंदर आई और मुझे पकड़कर मेरे कमरे में ले आई और मुझसे पूछने लगी, मजा आया ना? मैं कहती थी ना कि एक बार करो, फिर देखना कितना एंजॉय करोगी। मगर भाभी, आपके भाई ने मेरे साथ बहुत ज्यादा किया है। मुझे बहुत तकलीफ हो रही है। अब मैं दोबारा नहीं करूंगी। मैंने भाभी को दोबारा करने से मना कर दिया। मुझे यह बताओ, तुम्हें मजा आया या नहीं? भाभी ने सवाल किया। हां, मुझे मजा आया था। तो फिर मसला क्या है? जब मजा आया तो फिर हर दिन करो और मजे लो। कल फिर तैयार रहना, भाभी ने कहा और वहां से चली गई। मैं सोचने लगी, आखिर भाभी ऐसा क्यों कर रही हैं? वह खुद क्यों मुझे अपने भाई के हाथों इस्तेमाल करवा रही हैं? जरूर उनका ही कोई मुफाद होगा। मैंने सोचा, मैं दिल ही दिल में पछता रही थी कि क्यों भाभी की बात मानकर वह किया। मैं थक गई थी इसलिए सो गई। जब पानी पीने उठी तो देखा अजय ने मोबाइल पर वीडियो भेजी थी। उन्हें देखकर मुझे कुछ होने लगा था। मेरा वह करने का दोबारा से मन करने लगा। मैं खुद पर काबू ना पा सकी और अजय के कमरे में चली गई। रात के 02:00 बजे अपनी भाभी को चोरों की तरह भाई के कमरे से निकलते हुए देखकर मुझे शक होने लगा कि कहीं वह दोनों छुप-छुप कर मुझे देख तो नहीं रहे थे। मैं वापस अपने कमरे में चली आई और सो गई। मेरे भाई सुबह 07:00 बजे ऑफिस चले जाते और रात 10:00 बजे वापस आते थे। सुबह उठकर मैंने भाभी से पूछा कि आप रात को अजय के कमरे में गई थी। उन्होंने झूठ बोला कि नहीं, मैं नहीं गई। मुझे पूरा यकीन हो गया था कि जरूर उनके दरमियान कुछ है। भाभी ने बात घुमा दी और मुझसे पूछने लगी कि मैं कब उनके भाई के साथ करूंगी। दिन में कर लेते हैं। रात को आपके भाई ने वीडियो भेजी थी तो मैं तैयार हो गई थी। मैंने शर्माते हुए कहा तो वह हंस पड़ी और बोली, अच्छा ठीक है, तुम अपने कमरे में जाओ, मैं उसे भेजती हूं। आज तुम्हारे कमरे में करेगा। मैं अपने कमरे में चली गई। कुछ देर बाद अजय भी आ गया। फिर हम दोनों के बीच वह शुरू होने वाला था। जब मैंने उससे पूछा कि वह सिर्फ मेरे साथ ही क्यों करता है, और भी लड़कियां हैं, उनके साथ क्यों नहीं करता? वह कहने लगा, तुममें मुझे कुछ खास नजर आता था, इसलिए मैं करने के लिए तड़प रहा हूं। उस दिन पीछे से काम नहीं किया था। आज पीछे वाला हिस्सा भी पूरा करेंगे। नहीं, मैं वह हिस्सा नहीं दूंगी। मुझे भाभी ने बताया था कि वहां करने से बहुत ज्यादा दर्द होता है, इसलिए वह भूल जाओ। मैंने डरते हुए कहा, मगर वह नहीं माना। वह अपनी मर्जी करते हुए पिछले हिस्से से काम शुरू कर दिया। मैंने भाभी को आवाज़ें देना शुरू कर दी कि वह मुझे इस जुल्म से बचा लें, मगर उन्होंने मेरी एक ना सुनी। आज चार घंटों बाद उसने मुझे छोड़ा। मेरी हालत बहुत खराब थी। मैंने सोचा था कि आज के बाद अजय को नहीं दूंगी।
