(RBI) ने अपने बैंकिंग फ्रेमवर्क में बड़े बदलाव किए हैं जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण बदलाव जीरो बैलेंस सेविंग्स अकाउंट यानी Basic Savings Bank Deposit (BSBD) अकाउंट से जुड़े नियम हैं। इन नए नियमों का लक्ष्य वित्तीय समावेशन को बढ़ाना और ग्राहकों को बेसिक बैंकिंग सुविधाएँ मुफ्त में उपलब्ध कराना है।
Table of contents:
- परिचय
- BSBD (जीरो बैलेंस) अकाउंट क्या है?
- RBI के 2026 के नए नियम
- ग्राहकों के लिए फायदे
- पुराने अकाउंट को BSBD में बदलने का तरीका
- KYC और अन्य नियम
- निष्कर्ष
BSBD (जीरो बैलेंस) अकाउंट क्या है?
BSBD अकाउंट वो बैंकिंग खाता होता है जिसमें कोई न्यूनतम बैलेंस नहीं रखना होता और यह खास तौर पर उन लोगों के लिए है जिनके पास सीमित बैंकिंग सुविधाएँ हैं।
यह अकाउंट सभी प्रकार के बैंकों (Commercial, Small Finance, Payments Banks, RRBs आदि) में उपलब्ध होता है।
RBI के 2026 के नए नियम
RBI ने BSBD अकाउंट्स के लिए कुल 7 संशोधन निर्देश जारी किए हैं, जिनके अनुसार:
- अब BSBD अकाउंट्स को मानक सेविंग अकाउंट के समान सुविधाएँ देने की दिशा है।
- किसी भी व्यक्ति के लिए BSBD अकाउंट खुलवाना आसान होगा और कोई भी बैंक इसे खोलने से नहीं मना कर सकता।
- बैंक BSBD अकाउंट धारक से कोई न्यूनतम बैलेंस चार्ज नहीं ले सकते।
- डिजिटल सेवाएँ जैसे मोबाइल/इंटरनेट बैंकिंग मुफ्त उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
- ग्राहक अपना मौजूदा सेविंग अकाउंट 7 दिनों में BSBD में बदल सकते हैं।
- ग्राहक केवल एक ही BSBD अकाउंट रख सकते हैं पूरे बैंकिंग सिस्टम में।
ग्राहकों के लिए फायदे
इन नए नियमों के लागू होने से BSBD अकाउंट धारकों को निम्नलिखित सुविधाएँ मुफ्त में मिलेंगी:
- नों–टर्न बैलेंस (Zero Minimum Balance) का लाभ
- मुफ्त ATM/डेबिट कार्ड (कोई वार्षिक शुल्क नहीं)
- हर साल कम से कम 25 चेक
- इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग मुफ्त
- बिना शुल्क पासबुक या महीनेवार स्टेटमेंट
- कम से कम 4 मुफ्त निकासी/लेन-देन प्रति माह
- UPI, NEFT, RTGS, IMPS जैसी डिजिटल ट्रांजेक्शन मुफ्त एवं सीमा से अलग
5. पुराने अकाउंट को BSBD में बदलने का तरीका
अगर आपके पास पहले से सेविंग अकाउंट है और आप चाहें तो इसे BSBD अकाउंट में बदल सकते हैं। ऐसा करने के लिए बैंक में लिखित या ऑनलाइन अनुरोध करें और बैंक को 7 दिनों के भीतर इसे लागू करना होगा।
6. KYC और अन्य संबंधित नियम
BSBD अकाउंट्स पर KYC (Know Your Customer) और AML (Anti Money Laundering) नियम लागू रहेंगे। यह नियम सभी खाताधारकों पर समान रूप से लागू होंगे, जिसमें नाबालिग भी शामिल हैं।
7. निष्कर्ष
RBI के 2026 के नियमों का लक्ष्य बुनियादी बैंकिंग सेवाओं को सभी के लिए आसान, सुलभ और कम खर्चीला बनाना है। खासकर गरीब या पहली बार बैंक
खोलने वाले लोगों के लिए ये बदलाव बड़ा लाभ देंगे। यदि आप खुद का BSBD अकाउंट नहीं खोल रखा है, तो अब यह सुविधाजनक विकल्प बन गया है जिसे आप 1 अप्रैल 2026 के बाद आसानी से शुरू कर सकते हैं।
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